प्रभंजन कुमार जिला ब्यूरो चीफ बांदा

बांदा में शनिवार को जजी परिसर के कान्फ्रेंस हाल में राजविक्रम खरे रीडर का विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा० बब्बू सारंग जिला जज द्वारा की गयी तथा संचालन मुन्नीलाल वर्मा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में न्यायिक अधिकारी गुणेन्द्र प्रकाश उपस्थित रहे। राजविक्रम खरे को अंगवस्त्र साल ओढ़ाकर तथा अन्य भेंट देकर स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना की गयी। कर्मचारी संघ के महामंत्री रोआब आलम द्वारा उन्हें माल्यार्पण करके एक ट्रांजिस्टर (रेडियो) भेंट किया गया तथा रेडियो भेंट करने का मतलब भी बताया गया। राजविक्रम खरे उर्फ राजू भाई मोहम्मद रफी साहब के बहुत बड़े फैन है और वह मोहम्मद रफी साहब का गाना रेडियो के माध्यम से ही सुनते है। विविध भारती कार्यक्रम, हैलो फरमाइश कार्यक्रम आदि के बहुत ही शौकीन व्यक्ति है। राजू भाई का कहना है कि मोहम्मद रफी साहब की आवाज के बिना हिन्दी सिने संगीत की कल्पना भी नही की जा सकती। रफी साहब के फिल्मी, गैर फिल्मी गीतों, गजलों और उनसे जुड़े यादगार किस्से बेहद मशहूर है जिनसे उनका हमेशा लगाव रहा है। उनका यह भी कहना है रफी साहब की आवाज उनकी अन्तर्रात्मा को छूती है। आज भी उनके फेसबुक की डी.पी. में यह गीत मिल जायेगा, “मै राही अनजान राहो का ओ यारो मेरा नाम अनजाना”।
उक्त कार्यक्रम में सभी अधिकारियों ने राजविक्रम खरे की सेवाकाल से संबंधित अपने-अपने उदगार व्यक्त कर उन्हें विदाई दी। सभागार में अपर जिला जज माननीय गुणेन्द्र प्रकाश ने मोहम्मद रफी साहब के कई गानों को गा कर कल राज विक्रम खरे जी को अर्पित किए। इसी क्रम में उक्त कार्यक्रम में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण चंद्रपाल सिंह, छोटे लाल यादव, गुणेन्द्र प्रकाश, हेमंत कुमार कुशवाहा, पल्लवी प्रकाश, श्रीपाल सिंह, भगवान दास गुप्ता, गरिमा सिंह, प्रफुल्ल कुमार चतुर्वेदी, अर्पिता साहू, शिव शक्ति हर्षवर्धन, पवन सिंह तोमर, मुनि कुमार सिंह व उनके स्टाफ मनोज जैन, जितेन्द्र कुमार, मिथलेश द्विवेदी, रोहित कुमार, आशीष कुमार गुप्ता, प्रान्तीय संगठन सचिव अखिलेश प्रकाश, इंद्रदेव जी सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, कौस्तुभ यादव तथा दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष तुलसी दास व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण आदि मौजूद रहे।

