
उत्तर प्रदेश न्यूज जनपद बलरामपुर,
बलरामपुर जनपद से एक बहुत बड़ी खबर चलकर आ रही है
झोलाछाप डॉक्टरों की कहर से लोगों की जा रही है जान
मिडिया सर्च के दौरान गोंडा बलरामपुर जनपद में देखने को मिला है कि 19 साल से 25 साल के झोलाछाप डॉक्टर अपनी दब दबा गांव में बनाए हुए हैं कई जगह इन फर्जी डॉक्टरों की वजह से रोगियों की जान जा चुकी है इसी तरीके से एक मामला बलरामपुर जनपद के पेड़रिया में देखने को मिला है एक झोलाछाप डॉक्टर जिसका नाम अरबाज है जिसकी उम्र लगभग 20 से 22 वर्ष का होगा जिसका खुद का क्लीनिक है और यह गरीब गांव वालों को दवा बेचता है कई बार उसके हाथों से गांव वालों को जान देकर रकम चुकाना पड़ा है लेकिन शासन प्रशासन तब भी इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है और शासन प्रशासन व मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर व ड्रग इंस्पेक्टर बलरामपुर कुंभकरण की घोर निद्रा में सोए हुए हैं एक तरफ तो माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का आदेश भी है कि झोलाछाप डॉक्टर चिन्हित करके कार्यवाही किया जाए जाए ताकि रोगियों की जान वो माल के साथ खिलवाड़ ना होने पाए परंतु यहां पर तो गोंडा, बलरामपुर जनपद में देखा जा रहा है की संबंधित विभाग के अधिकारी या तो लापरवाही कर रहे हैं या तो कुंभकरण की घोर निद्रा में सोए हुए हैं और या फिर फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों से मिली भगत किए हुए हैं जिस कारण से आए दिन झोलाछाप डॉक्टरों की तादाद बड़ती जा रही है और यह झोलाछाप डॉक्टर जिनको ट्रीटमेंट के बारे में कोई जानकारी नहीं है, ट्रीटमेंट के बारे में बगैर जानकारी के ऐसे झोलाछाप डॉक्टर रोगियों को इंजेक्शन में
हाई एंटीबायोटिक जैसे सेपटरियाजोन, ताज वेक्टम,साल वेक्टम,एम पी सिलीन ,क्लॉकसा सिलीन,आदि एंटीबायोटिक रोगियों को आई. वी. देते हैं और साथ ही खाने के लिए रोगियों को हाई एंटीबायोटिक मेडिसिन सिप्रोफ्लाक्सासिन, ओफ्लाक्सासिन, सिफेकजिम, टेट्रासाइक्लिन कैप्सूल टेबलेट आदि रोगियों को खिलते हैं ,इसी तरीके से झोलाछाप डॉक्टरों के द्वारा लगाई जा रही एंटीबायोटिक इंजेक्शन व खिलाए जा रहे एंटीबायोटिक दवा कैप्सूल टेबलेट तमामों रोगियों की किडनी , हार्ट, ब्रेन फेफड़ा खराब हो जाते हैं जिससे रोगियों की मृत्यु हो जाती है ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों पर संदेह जनक बातें आ रही हैं कि या तो स्वास्थ्य विभाग कुंभकरण की घोर निंद्रा में सोई हुई है या तो फिर इन झोलाछाप डॉक्टरों से मिली भगत किए हुए है, इसी कारण से ऐसे झोलाछाप डॉक्टर रोगियों की जान वो माल के साथ खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक सीज किया जाना एवं ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध दंडात्मक कानूनी कार्यवाही किया जाना जरूरी है अब देखना यह है की खबर चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी क्या कार्यवाही कर रहे हैं
इंडिया शान टाइम्स न्यूज टीवी चैनल के लिए स्टेट संवाददाता उत्तर प्रदेश राजेन्द्र प्रताप देव गिरि कि खास रिपोर्ट

