

बलरामपुर: ग्राम पंचायतों में हो रहा शोषण व उत्पीड़न, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सामूहिक ज्ञापन
बलरामपुर। जिले के ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों, रोजगार सेवकों तथा तकनीकी सहायकों ने विकासखंड बलरामपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी व उत्पीड़न के विरोध में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। इसमें ग्राम पंचायतों में हो रही अनियमितताओं, दमन व शोषण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि विकासखंड पचपेड़वा की ग्राम पंचायत बिशुनपुर टंटानगर में मनरेगा के तहत निर्मित तालाब की जांच में ग्राम प्रधान व कर्मचारियों पर गलत तरीके से 38 हजार रुपये की वसूली कराई गई। वहीं विकासखंड बलरामपुर में पंचायत भवन निर्माण में हुई अनियमितता पर एफआईआर दर्ज कर दी गई जबकि निर्माण कार्य सही पाए जाने पर भी ग्राम प्रधान को जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए महिला प्रधान को रिहा करने की मांग की गई है।
इसके अलावा जल जीवन मिशन योजना में पाइपलाइन डालने व सड़क खोदने के बाद मरम्मत न करने, जिससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, की शिकायत की गई। वहीं मनरेगा की मजदूरी दर 252 रुपये होने के कारण मजदूर कार्य करने को तैयार नहीं हैं जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि ग्राम पंचायतों द्वारा लगाए गए वृक्षों को लक्ष्य के अनुसार जीवित नहीं माना जा रहा और भविष्य में लगाए जाने वाले वृक्षों के नाम पर उत्पीड़न की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही यह आरोप लगाया गया कि जिला प्रशासन के अधिकारी बिना ठोस साक्ष्य के ग्राम प्रधानों व सचिवों को जेल भेज रहे हैं जिससे भय का माहौल बना हुआ है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि:
निर्दोष ग्राम प्रधानों व कर्मचारियों को जेल से तत्काल रिहा किया जाए।
जल जीवन मिशन में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए।
मनरेगा व अन्य योजनाओं में वास्तविक समस्याओं का निस्तारण कर ग्राम प्रधानों व कर्मचारियों को बेवजह उत्पीड़न से बचाया जाए।
भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन पर दर्जनों ग्राम प्रधानों, सचिवों, रोजगार सेवकों व तकनीकी सहायकों ने हस्ताक्षर कर अपनी मांगों को मजबूती से रखा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान न हुआ तो विकास कार्यों को रोकने सहित बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

